Wednesday, 17 December 2025

what is lipid profile

लिपिड प्रोफाइल
बेहतरीन ढंग से समझाया गया
एक प्रसिद्ध डॉक्टर ने लिपिड प्रोफाइल को बहुत ही अनोखे तरीके से समझाने वाली एक खूबसूरत कहानी साझा की।

कल्पना कीजिए कि हमारा शरीर एक छोटा-सा कस्बा है। इस कस्बे में सबसे बड़े उपद्रवी हैं - कोलेस्ट्रॉल।
इनके कुछ साथी भी हैं। इनका मुख्य अपराध में भागीदार है - ट्राइग्लिसराइड।
इनका काम है - गलियों में घूमते रहना, अफरा-तफरी मचाना और रास्तों को ब्लॉक करना।

दिल इस कस्बे का सिटी सेंटर है। सारी सड़कें दिल की ओर जाती हैं।
जब ये उपद्रवी बढ़ने लगते हैं, तो आप समझ ही सकते हैं क्या होता है, ये दिल के काम में रुकावट डालने की कोशिश करते हैं।

लेकिन हमारे शरीर-कस्बे के पास एक पुलिस बल भी
HDL 
 वो अच्छा पुलिसवाला, जो इन उपद्रवियों को पकड़कर जेल (लिवर) में डाल देता है।
फिर लिवर इनको शरीर से बाहर निकाल देता है – हमारे ड्रेनेज सिस्टम के ज़रिए।

लेकिन एक बुरा पुलिसवाला भी है - LDL, जो सत्ता का भूखा है।
LDL इन उपद्रवियों को जेल से छोड़कर फिर से सड़कों पर छोड़ देता है।
जब अच्छा पुलिसवाला HDL कम हो जाता है, तो पूरा कस्बा अस्त-व्यस्त हो जाता है।
ऐसे कस्बे में कौन रहना चाहेगा?

क्या आप इन उपद्रवियों को कम करना और अच्छे पुलिसवालों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं?
चलना शुरू कीजिए!
हर कदम के साथ HDL बढ़ेगा, और कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड और LDL जैसे उपद्रवी कम होंगे।

आपका शरीर (कस्बा) फिर से जीवंत हो उठेगा।
आपका दिल – सिटी सेंटर – उपद्रवियों की ब्लॉकेज (हार्ट ब्लॉक) से सुरक्षित रहेगा।
और जब दिल स्वस्थ होगा, आप भी स्वस्थ रहेंगे।

इसलिए, जब भी मौका मिले – चलना शुरू कीजिए!
स्वस्थ रहें... और
अच्छे स्वास्थ्य की कामना
यह लेख HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) बढ़ाने और LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) कम करने का बेहतरीन तरीका बताता है – चलना।
हर कदम HDL को बढ़ाता है।
इसलिए – चलो, चलो और चलते रहो।
हैप्पी सीनियर सिटिज़न्स वीक

यह चीजें कम करें:-

1. नमक
2. चीनी
3. ब्लीच किया हुआ मैदा
4. डेयरी उत्पाद
5. प्रोसेस्ड फूड्स

यह सब रोज खाएं:-

1. सब्जियां
2. दालें
3. बीन्स
4. मेवे
5. अंडे
6. कोल्ड प्रेस्ड तेल 

तीन चीजें जिन्हें भूलने की कोशिश करें:

1. अपनी उम्र
2. अपना अतीत
3. अपनी शिकायतें
चार जरूरी चीजें जिन्हें अपनाएं:

1. अपना परिवार
2. अपने दोस्त
3. सकारात्मक सोच
4. स्वच्छ और स्वागतभरा घर 

तीन मूलभूत बातें जिन्हें अपनाना चाहिए:

1. हमेशा मुस्कराएं 
2. अपनी गति से नियमित शारीरिक गतिविधि करें
3. अपने वजन की जांच और नियंत्रण करें

छह आवश्यक जीवनशैली जो आपको अपनानी चाहिए:
1. पानी पीने के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप प्यासे न हों।
2. आराम करने के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप थके नहीं।
3. चिकित्सा परीक्षणों के लिए तब तक प्रतीक्षा न करें जब तक आप बीमार न हों।
4. चमत्कारों की प्रतीक्षा न करें, भगवान पर भरोसा रखें।
5. कभी भी अपने आप पर से विश्वास न खोएं।
6. सकारात्मक रहें और हमेशा एक बेहतर कल की आशा रखें।

यदि आपके मित्र हैं इस आयु सीमा में (47-80 वर्ष), कृपया उन्हें यह भेजें।
वरिष्ठ नागरिक सप्ताह की शुभकामनाएं! इसे आप सभी अच्छे वरिष्ठ नागरिकों को भेजें जिन्हें आप जानते हैं।
भगवान पर भरोसा रखें।
हम सब निमित मात्र है
 🙏 🙏

Jamun fruit and Jambhu Dweep

*🫐 जामुन : आश्चर्य की बात तो है कि किसी फल के वजह से किसी देश का नामकरण किया गया 🫐*

भारत को जम्बू द्वीप के नाम से भी जाना जाता है और यह नाम जामुन के वजह से है। आश्चर्य की बात तो है कि किसी फल के वजह से किसी देश का नामकरण किया गया!

दरअसल जामुन के कई नाम हैं और उन्हीं में से एक नाम है जम्बू। भारत में जामुन की बहुतायत रही है। हमारे देश में इसकी पेड़ों की संख्या लाखों-करोड़ों में है और शायद इसी कारण से यह फल हमारे देश का पहचान बन गया।

भारतीय माइथोलॉजी के दो प्रमुख केंद्र रामायण और महाभारत में भी यह विशेष पात्र रहा है। भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में मुख्य रूप से जामुन का ही सेवन किया था, वहीं श्री कृष्णा के शरीर के रंग को ही जामुनी कहा गया है। संस्कृत के श्लोकों में अक्सर इस नाम का उच्चारण आता है।

जामुन विशुद्ध रूप से भारतीय फल है। भारत का हर गली-मोहल्ला इसके स्वाद से परीचित हैं। जामुन एक मौसमी फल है। खाने में स्वादिष्ट होने के साथ ही इसके कई औषधीय गुण भी हैं। जामुन अम्लीय प्रकृति का फल है पर यह स्वाद में मीठा होता है। जामुन में भरपूर मात्रा में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज पाया जाता है। जामुन में लगभग वे सभी जरूरी लवण पाए जाते हैं जिनकी शरीर को आवश्यकता होती है।

>> जामुन खाने के फायदे <<

1. पाचन क्रिया के लिए जामुन बहुत फायदेमंद होता है. जामुन खाने से पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं.

2. मधुमेह के रोगियों के लिए जामुन एक रामबाण उपाय है. जामुन के बीज सुखाकर पीस लें. इस पाउडर को खाने से मधुमेह में काफी फायदा होता है.

3. मधुमेह के अलावा इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर से बचाव में कारगर होते हैं. इसके अलावा पथरी की रोकथाम में भी जामुन खाना फायदेमंद होता है. इसके बीज को बारीक पीसकर पानी या दही के साथ लेना चाहिए.

4. अगर किसी को दस्त हो रहे जामुन को सेंधा नमक के साथ खाना फायदेमंद रहता है. खूनी दस्त होने पर भी जामुन के बीज बहुत फायदेमंद साबित होते हैं.

5. दांत और मसूड़ों से जुड़ी कई समस्याओं के समाधान में जामुन विशेषतौर पर फायदेमंद होता है. इसके बीज को पीस लीजिए. इससे मंजन करने से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते हैं.
 
6. जामुन मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण है. यह पाचनतंत्र को तंदुरुस्त रखता हैं. साथ ही दांत और मसूड़े के लिए बेहद फायदेमंद है.
 
7. जामुन में कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम होता है। आयुर्वेद में जामुन को खाने के बाद खाने की सलाह दी जाती है। 

जामुन के लकड़ी का भी कोई जबाव नहीं है। एक बेहतरीन इमारती लकड़ी होने के साथ ईसके पानी मे टिके रहने की बाकमाल शक्ति है‌। अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल या हरी काई नहीं जमती सो टंकी को लम्बे समय तक साफ़ नहीं करना पड़ता। प्राचीन समय में जल स्रोतों के किनारे जामुन की बहुतायत होने की यही कारण था इसके पत्ते में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कि पानी को हमेशा साफ रखते हैं। कुए के किनारे अक्सर जामुन के पेड़ लगाए जाते थे।

जामुन की एक खासियत है कि इसकी लकड़ी पानी में काफी समय तक सड़ता नहीं है। जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़े पैमाने पर होता है। जामुन औषधीय गुणों का भण्डार होने के साथ ही किसानो के लिए भी उतना ही अधिक आमदनी देने वाला फल है।

नदियों और नहरों के किनारे मिट्टी के क्षरण को रोकने के लिए जामुन का पेड़ काफी उपयोगी है। अभी तक व्यवसायिक तौर पर योजनाबद्ध तरीके से जामुन की खेती बहुत कम देखने को मिलती हैं। देश के अधिकांश हिस्से में अनियोजित तरीके से ही किसान इसकी खेती करते हैं।अधिकतर किसान जामुन के लाभदायक फल और बाजार के बारे में बहुत कम जानकारी रखते हैं, शायद इसी कारणवश वो जामुन की व्यवसायिक खेती से दूर हैं। जबकि सच्चाई यह है कि जामुन के फलों को अधिकतर लोग पसंद करते हैं और इसके फल को अच्छी कीमत में बेचा जाता है।

जामुन की खेती में लाभ की असीमित संभावनाएं हैं। इसका प्रयोग दवाओं को तैयार करने में किया जाता है, साथ ही जामुन से जेली, मुरब्बा जैसी खाद्य सामग्री तैयार की जाती है।

सबसे खास बात कि जामुन हम भारतीयों की पहचान रही है अतः इस वृक्ष के संरक्षण और संवर्धन में हम सभी को अपना योगदान देना चाहिए।

Tuesday, 10 June 2025

 #Cancer curing with #alternative #medical services along with Modern Medicines


Kerala’s first medical oncologist, the erstwhile Dr. CP Mathew, has left a rich legacy in cancer patients' case diaries and medical records. These documents contain valuable information about his attempts to integrate Siddha and Ayurveda treatments to manage cancer. A preliminary examination of these documents compiled over more than four decades gives us a glimpse of his contributions relevant to the development of Integrative Oncology in India. Patients who received treatment from Dr. CP Mathew presented with different types of cancer in varying stages of progression. In his clinical practice, he developed treatment approaches that integrated Ayurveda and Siddha with the standard of care for specific types and presentations of cancer. At Cherian Ashram in Kottayam, where he treated cancer patients, a team of medical doctors, including a senior Ayurveda physician and a Naturopathy and Yoga expert, worked together to offer integrative care. Based on his experience, he emphasized that the public should be made aware of the available options for alternative treatments even in advanced stages of cancer. While Ayurveda and Siddha could bolster the patient's immunity and improve clinical outcomes, he pointed out that such interventions could also improve tolerance to chemotherapy and radiation. In the wake of the growing global interest in Integrative Oncology, the work of Dr. CP Mathew preserved in the medical records of his cancer patients deserves to be studied with an open mind.

 

Dr. C. P. Mathew was a prominent figure in the field of oncology in Kerala, India.1 He was the Head of the Oncology Department at Kottayam Medical College and later served as its Vice Principal.2


Here are some key facts about Dr. C. P. Mathew:

  • Pioneer in Oncology: He is recognized as Kerala's first cancer specialist and was instrumental in setting up the Regional Cancer Centre in Thiruvananthapuram.

  • Integrative Approach: Dr. Mathew was known for his unique approach to cancer treatment, which integrated modern medicine (allopathy) with traditional Indian systems like Ayurveda and Siddha.3 He extensively researched and applied these traditional methods, even after his retirement from government service.4

  • Early Life and Education: Born in Changanacherry, Kottayam, in 1929, he completed his MBBS from Madras Medical College in 1954 and his post-graduation from Trivandrum Medical College in 1965.5

  • Career: He held positions in various medical colleges across Kerala, including Thiruvananthapuram, Kozhikode, and Kottayam.6 He retired from government service in 1986.7

  • Post-retirement Work: After retiring, he continued to practice and consult patients, often at Cherian Ashram in Kottayam, where he further developed his integrative oncology methods.8 He also traveled extensively as a visiting professor.

  • Spiritual Inclination: Notably, he, despite being born Christian, embraced Sanatana Dharma later in his life, studying Vedas and Upanishads.9

  • Demise: Dr. C. P. Mathew passed away on October 20, 2021, at the age of 92.10

Cherian Ashram in Kottayam

Irattunada
Manarcad P.O
Kottayam- 686019

+91 9447367123
9446357964
0481 2371964

Thursday, 8 May 2025

Delhi prant meeting

आरोग्य भारती दिल्ली प्रांत 
               
जानकारी एवं सूचना

आदरणीय बंधु/भगिनी,
सप्रेम नमस्ते
प्रभु कृपा से आप स्वस्थ एवं कुशल होंगे।
आरोग्य भारती का कार्य दिल्ली प्रान्त में आप सभी के सहयोग तथा प्रयास से निरन्तर आगे बढ़ रहा है। आरोग्य भारती का उद्देश्य "मेरा स्वास्थ्य मेरी जिम्मेदारी" का मंत्र जन जन तक पहुँचे को ध्यान में रखकर कुछ कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी देकर श्री मान संजीवन जी (उत्तर क्षेत्र एवं राजस्थान क्षेत्र संयोजक) के माध्यम से साथ जोड़ा है । अभी कार्य को आगे बढ़ाने के लिए जो सेवा भाव से समाज कार्य करना चाहते हैं ,ऐसे सभी बंधु /भगिनी की एक बैठक निम्नलिखित समयानुसार रखी है 
आरोग्य भारती जिन विषयों पर कार्य कर रही है ---
1) विद्यालय स्वास्थ्य प्रबोधन - विद्यार्थिओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना
2) ओषधीय पोधो की जानकारी
3) प्रथम उपचार 
4) पर्यावरण
5) गर्भ धारण संस्कार
जो महिलाएं गर्भ धारण करना चाहती है उन्हें उचित जानकारी से अवगत कराना
6) घरेलु उपचार
7) योग 
8) उचित आहार
अन्य कई तरह के कार्यक्रम चल रहे हैं।जो इन विषयों में से किसी में भी रुचि तथा सेवा भाव रखते हों वे सभी इस बैठक में अवश्य रहे --
 

सादर

डॉ राजेश तलवार
 सचिव
दिल्ली प्रान्त

Wednesday, 25 September 2024

 

अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल समेलन, ग्वालियर 24

 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

  • विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर की अध्यक्षता में हुआ सम्मेलन का उदघाटन 
  • मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्थापित होगा मेडिकल या आयुर्वेदिक कॉलेज 
  • प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में 46 हजार 451 नए पदों को स्वीकृति दी गई है 
  • प्रदेश में 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन शुरू 

  •  

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में केरल की तरह प्राकृतिक तथा अन्य वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों पर मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जायेगा। मेडीकल टूरिज्म विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर में आयोजित हो रहे आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल सम्मेलन के उदघाटन सत्र को समत्व भवन भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आरोग्य भारती द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिए जा रहे अतुलनीय योगदान की सराहना की। साथ ही कहा कि इस सम्मेलन में विचार मंथन के बाद जो निष्कर्ष निकलेंगे, उन्हें मध्यप्रदेश में अपनाया जायेगा। साथ ही जन-जन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने, लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करने और रोगमुक्त समाज के निर्माण की योजना तैयार करने में आरोग्य भारती का सहयोग व मार्गदर्शन भी प्रदेश सरकार लेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरोग्य भारती संस्था का अखिल भारतीय सम्मेलन मध्यप्रदेश में करने के लिए आभार जताया और देश भर से आए संस्था के प्रतिनिधियों का स्वागत किया।

 

ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में शनिवार से शुरू हुए आरोग्य भारती के दो दिवसीय प्रतिनिधि मंडल के सम्मेलन के उदघाटन सत्र की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने की। कार्यक्रम में आयुष मंत्रालय भारत सरकार के आयुर्वेद सलाहकार डॉ. कौस्तुभ उपाध्याय, लद्दाख से आए डॉ. पद्मा गुरूमेत, आरोग्य भारती के संरक्षक एवं देश के जाने-माने नेत्र चिकित्सक डॉ. प्रवीण भावसार, आरोग्य भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित, उत्तरप्रदेश से आए प्रतिष्ठित होम्योपैथिक विशेषज्ञ डॉ. बी एन सिंह एवं आरोग्य भारती संस्था के अन्य पदाधिकारी मंचासीन थे। साथ ही पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री सुरेश सोनी, विधायक श्री मोहन सिंह राठौर तथा श्रीयुत श्रीधर पराड़कर सहित अन्य गणमान्य नागरिक एवं देश भर से आए आरोग्य भारती के लगभग 750 कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।

 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मण्डल सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में 46 हजार 451 नए पदों को स्वीकृति प्रदान की गई है, साथ ही 800 आयुष आरोग्य मंदिरों का संचालन भी आरंभ हुआ है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज के साथ ही आयुर्वेदिक संस्थाओं की संख्या अभी ओर बढ़ेगी। प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल या आयुर्वेदिक कॉलेज अवश्य हो और इससे प्रदेशवासियों को इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता न रहे। 

बालाघाट, शहडोल, सागर, मुरैना, नर्मदापुरम में आरंभ होंगे आयुर्वेद चिकित्सालय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मंदसौर, नीमच और सिवनी में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय बनकर तैयार हो गए हैं, शीघ्र ही इनका लोकार्पण किया जाएगा। प्रदेशवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ही चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को एक करने का निर्णया लिया गया। कोविड काल में रोग से बचने के लिए आयुर्वेदिक विधियों और आयुष काढ़े के प्रभाव से सभी परिचित हैं। भारतीय चिकित्सा पद्धति को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से पाँच जिलों बालाघाट, शहडोल, सागर, मुरैना, नर्मदापुरम में जल्द ही आयुर्वेद चिकित्सालय आरंभ किए जाएंगे। राज्य सरकार की आयुर्वेदिक चिकित्सालयों को प्रोत्साहित करने की योजना के अंतर्गत समाज के लोगों द्वारा आरंभ किए गए चिकित्सालयों को भी प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय खेती को प्रोत्साहित करने के लिए देवारण्य योजना का संचालन किया जा रहा है। औषधीय वनस्पतियों के बारे में जागरूकता फैलाने और उनकी मार्केटिंग के लिए हर साल लघु वनोपज मेले भी आयोजित हो रहे हैं।  

स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए रोगमुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित कर रही है आरोग्य भारती

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वस्थ राष्ट्र के लिए स्वस्थ ग्राम, स्वस्थ ग्राम के लिए स्वस्थ परिवार और स्वस्थ परिवार के लिए स्वस्थ व्यक्ति होना आवश्यक है। यह प्रसन्नता का विषय है कि आरोग्य भारती समाज में स्वास्थ्य संरक्षण और स्वास्थ्य जागरण के साथ ही शोध आधारित कार्य भी कर रही है। भारतीय परंपरा में पहला सुख निरोगी काया के सिद्धांत को मानते हुए स्वास्थ्य को ही सबसे बड़ा धन माना गया है। आरोग्य भारती संस्था द्वारा समाज में स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हुए रोगमुक्त जीवन जीने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है, जो अभिनंदनीय है। 

आने वाला कल स्वस्थ, स्वच्छ और श्रेष्ठ भारत का है - विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि आने वाला कल स्वस्थ, स्वच्छ और श्रेष्ठ भारत का है। भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों को अपनाते हुए रोगमुक्त समाज के निर्माण की दिशा में आरोग्य भारती महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आरोग्य भारती संस्था की सलाह पर देश में डेढ़ लाख से अधिक वैलनेस सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया आरंभ हुई। उन्होंने कहा स्वतंत्रता के बाद हुई देशज चिकित्सा पद्धतियों की अनदेखी और उपेक्षा के कारण इस क्षेत्र में आए अभावों को दूर करने की दिशा में आरोग्य भारती द्वारा किए जा रहे कार्य सराहनीय है। श्री तोमर ने कहा कि बीमारी रहित भारत का निर्माण करने में आरोग्य भारती संस्था संकल्पित होकर जुटी है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी देशज पद्धितियाँ इलाज में अत्यंत कारगर हैं। उन पर गर्व करें और अपनाएँ भी। 

 आरोग्य सम्पदा पत्रिका के भारतीय स्वास्थ्य चिंतन पर केन्द्रित विशेषांक का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आरोग्य भारती की स्मारिका "आरोग्य फलदायकम्", भारतीय स्वास्थ्य चिंतन पर केन्द्रित विशेषांक “आरोग्य संपदा”, संस्था की डायरी “आरोग्य भारती” और संस्था के कैलेण्डर का विमोचन भी इस अवसर पर किया। 

योगाचार्य पं. दामोदर लाल शर्मा का हुआ सम्मान 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल मुख्य आतिथ्य में जयपुर से पधारे योगाचार्य पंडित दामोदर लाल शर्मा को स्व. माधवराव धाक्रस स्वस्थ जीवनशैली पुरस्कार से सम्मानित किया। 

भगवान धनवन्तरि व माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ 

विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं अन्य अतिथियों ने कृषि विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार में भगवान धनवन्तरि व माँ भारती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मण्डल सम्मेलन का शुभारंभ किया। 

 आरंभ में आरोग्य भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री भोलानाथ जी ने भगवान धनवन्तरि स्तवन का वाचन किया। इसके बाद आरोग्य भारती संस्था के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. राकेश पंडित ने सम्मेलन की भूमिका और संस्था के कार्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में आरोग्य भारती के अखिल भारतीय सचिव श्री टी एन मंजुला ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। स्वागत उदबोधन आरोग्य भारती के पदाधिकारी डॉ. सत्यप्रकाश बत्रा ने दिया। 

विधानसभा अध्यक्ष श्री तोमर ने आरोग्य भारती की प्रदर्शनी का किया उदघाटन 

आरोग्य भारती के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मण्डल सम्मेलन आयोजन स्थल पर आरोग्य भारती द्वारा भारतीय देशज अर्थात आयुर्वेद व अन्य वैकल्पिक पद्धतियों पर प्रदर्शनी भी लगाई गई है। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने इस प्रदर्शनी का दीप प्रज्ज्वलन कर उदघाटन किया। साथ ही प्रदर्शनी का जायजा भी लिया

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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताए जीवन के 2 मूल मंत्र, आरोग्य भारती के कार्यक्रम में साझा किए अनुभव - Scindia Arogya Bharti Program

ग्वालियर: केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को ग्वालियर पहुंचे. यहां आयोजित आरोग्य भारती संस्था के अखिल भारतीय प्रतिनिधि मंडल सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए. इस मौके पर उन्होंने राजमाता विजया राजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हुई सभा को संबोधित किया. केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान अपने जीवन के अनुभव भी साझा किए.


'देश के विकास में संस्था देती रहे योगदान'

कार्यक्रम के बाद मीडिया से चर्चा में सिंधिया ने कहा कि उन्हें इस संस्था में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है. ये वो संस्था है जो पूरे भारत में कार्य कर रही है. जितनी प्रशंसा हम करें वह कम है. इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर मैंने संस्था को अपने कुछ सुझाव दिए हैं. मेरी यही एक आशा और अभिलाषा है देश के विकास और प्रगति में यह संस्था सेवा और सामाजिक योगदान देती रहे.

सिंधिया ने बताए तरक्की के 2 मूल मंत्र

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि उन्होंने अपनी एमबीए की पढ़ाई स्टैनफोर्ड बिजनेस स्कूल से की है. उन्होंने बताया कि जिन्होंने कंप्यूटर के लिए इंटेल की चिप का निर्माण किया वह महान शख्सियत हमारी क्लास लिया करते थे. वे अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उस समय उस कोर्स का आखिरी क्लास लेक्चर उन्होंने पढ़ाया नहीं बल्कि बोर्ड पर दो सेंटेंस लिखे. उन्होंने कहा उनके जाने के बाद इन्हें पढ़ लेना. हम सभी ने उनके जाने के बाद उन सेंटेंस को पढ़ा. वे जीवन के दो महत्वपूर्ण मूलमंत्र थे. पहला था-"परिवर्तन ही मूल मंत्र है विश्व का" और दूसरा-"जीवन में भयभीत रहने वाला व्यक्ति ही आगे बढ़ता है". सिंधिया ने कहा कि अनुसंधान और नवाचार हम अपनी संस्था में अपनाएं. यह दोनों मूलमंत्र अपनाने से हम जनसेवा को आगे ले जा सकते हैं.

 

 

 


दो दिवसीय सम्मेलन में आरोग्य भारती दिल्ली प्रांत के 10 सदस्यों ने भाग लिया

 

Arogya Bharati team in front of main hall



Arogya Bharati team with their banner at Exhibition Hall
 
Delhi Prant team with Dr Rakesh Pandit, National President of Arogya Bharati


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